अगर आप ब्लॉगर या वेबसाइट के मालिक हैं, तो आपने गूगल सर्च कंसोल के बारे में तो सुना ही होगा और शायद इस टूल का इस्तेमाल भी किया होगा। ब्लॉग या वेबसाइट को गूगल सर्च इंजन में जल्दी इंडेक्स करने और एसईओ के लिए हम इस टूल का उपयोग कर सकते हैं। पहले इसे वेबमास्टर टूल के नाम से जाना जाता था। इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि गूगल सर्च कंसोल में क्रॉल एरर कैसे ठीक करें।
गूगल सर्च इंजन में ब्लॉग या वेबसाइट की रैंकिंग इस टूल से पता कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले हमें अपने ब्लॉग को गूगल सर्च कंसोल में सबमिट करना होता है। इसकी जानकारी आप लिंक पर क्लिक करके जान सकते हैं। इस टूल में हम साइटमैप बनाकर सबमिट भी कर सकते हैं। इसके बारे में भी हमने पहले पोस्ट साझा की है, जिसे आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके जान सकते हैं।
Read: ब्लॉग/वेबसाइट के लिए साइटमैप कैसे बनाएं
जब गूगल हमारी वेबसाइट के पोस्ट और पेज को इंडेक्स करता है, तो उसमें कई बार त्रुटियां भी आ जाती हैं। इन्हें ही हम साइट क्रॉल एरर कहते हैं। क्रॉल एरर को हम गूगल सर्च कंसोल की मदद से आसानी से खोज सकते हैं और ठीक कर सकते हैं।
Read: गूगल सर्च कंसोल में साइटमैप सबमिट कैसे करेंअगर आप इन त्रुटियों को ठीक नहीं करते हैं, तो गूगल पर आपके ब्लॉग की रैंकिंग भी घट सकती है। इसलिए साइट क्रॉल एरर को ठीक करना ब्लॉग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। गूगल सर्च कंसोल साइट क्रॉल एरर को ठीक करने की सुविधा देता है, जिससे आपकी ब्लॉग या वेबसाइट की स्थिति बेहतर रहती है और यह एसईओ के लिए भी महत्वपूर्ण है।
गूगल सर्च कंसोल साइट क्रॉल एरर
जैसा कि गूगल सर्च कंसोल हमें 3 प्रकार के एरर दिखाता है, जिन्हें हम ठीक कर सकते हैं। इससे पहले हम इन 3 प्रकार के एरर के बारे में जान लेते हैं:
DNS एरर
सर्वर कनेक्टिविटी एरर
robots.txt फेच एरर
1. DNS एरर
डोमेन नेम सिस्टम (DNS) एरर को ठीक करना सबसे जरूरी होता है। यह एरर तब दिखाई देता है जब Googlebot आपकी वेबसाइट के डोमेन से कनेक्ट नहीं कर पाता। जब आप DNS एड्रेस बदलते हैं, तब भी यह एरर दिख सकता है। यह सामान्य एरर है, लेकिन वेबसाइट की रैंकिंग के लिए इसे ठीक करना जरूरी होता है।
2. सर्वर कनेक्टिविटी एरर
यह एरर सर्वर की समस्या या धीमे इंटरनेट कनेक्शन की वजह से होता है। जब कोई विजिटर वेबसाइट खोलता है और वह धीरे लोड होती है या खुलने में समय लेती है, तब “Request Timeout” एरर दिखाई देता है, जो सर्वर कनेक्टिविटी एरर होता है। यह एरर ज्यादा ट्रैफिक की वजह से भी आ सकता है।
3. robots.txt फेच एरर
यह एरर robots.txt फाइल की वजह से होता है। यह एक सामान्य समस्या है। जब हम किसी पेज या पोस्ट को robots.txt के जरिए सर्च इंजन से छिपाते हैं, तो उसे सर्च इंजन से हटने में 1–2 दिन लग सकते हैं। इस दौरान अगर कोई यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, तो यह एरर दिखाई दे सकता है।
गूगल सर्च कंसोल में ये एरर सामान्य होते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। साइट क्रॉल एरर को समय-समय पर ठीक करना वेबसाइट की रैंकिंग के लिए जरूरी होता है। अगर गूगल सर्च कंसोल आपको किसी एरर का ईमेल भेजता है, तो वह सामान्य नहीं होता, उसे ठीक करना बहुत जरूरी है। इसलिए अपना मेलबॉक्स भी चेक करते रहें।
गूगल सर्च कंसोल में वेबसाइट क्रॉल एरर कैसे ठीक करें
वेबसाइट के क्रॉल एरर को ठीक करना बहुत आसान है। सबसे पहले गूगल सर्च कंसोल में लॉगिन करें और डैशबोर्ड पर अपनी वेबसाइट के URL पर क्लिक करें।
“Crawl” विकल्प चुनें।
“Crawl Errors” पर क्लिक करें।
यहां आपको Desktop और Smartphone के विकल्प दिखाई देंगे। दोनों में एरर चेक करें और जिस पर एरर हो, उसे चुनें।
अब सभी एरर को सेलेक्ट करें और “Mark as Fixed” पर क्लिक करें।
इस तरह आप आसानी से अपनी वेबसाइट के क्रॉल एरर को ठीक कर सकते हैं।
इस तरह हम गूगल सर्च कंसोल में वेबसाइट के क्रॉल एरर को ठीक कर सकते हैं। ऊपर दिए गए सभी कारणों की वजह से क्रॉल एरर दिखाई देते हैं, इसलिए आपको हर 3–4 दिन में इन एरर को चेक करके ठीक करना चाहिए। इससे आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर अच्छी ट्रैफिक बनी रहती है और रैंकिंग भी बढ़ती रहती है। अगर आप इन क्रॉल एरर के बारे में पहले नहीं जानते थे, तो अब आपको इनके बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी।
अगर “गूगल सर्च कंसोल में वेबसाइट क्रॉल एरर कैसे ठीक करें” यह पोस्ट आपको अच्छी लगे, तो इसे जरूर शेयर करें और सब्सक्राइब करें।e.

bhy dns error ko kaise sahi kare
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