साइटमैप क्या है?
साइटमैप एक छोटी सी फाइल होती है, जो XML या HTML फॉर्मेट में होती है। गूगल सर्च कंसोल XML फाइल को सपोर्ट करता है। साइटमैप में हमारे ब्लॉग या वेबसाइट के सभी URL होते हैं। मतलब इस फाइल में ब्लॉग के पेज और पोस्ट के लिंक स्टोर रहते हैं। इसी फाइल से गूगल हमारे ब्लॉग के URL को क्रॉल करके सर्च इंजन में इंडेक्स करता है और हमारा ब्लॉग जल्दी गूगल पर दिखने लगता है। साइटमैप से सीधे रैंकिंग नहीं बढ़ती, लेकिन अगर आपके कुछ पेज या पोस्ट इंडेक्स नहीं हो रहे हैं, तो साइटमैप के जरिए उन्हें इंडेक्स कराया जा सकता है।
अगर आपके पोस्ट गूगल पर इंडेक्स होने में समय ले रहे हैं, तो आपको गूगल सर्च कंसोल में साइटमैप जोड़ना चाहिए। पहले हम यह समझते हैं कि साइटमैप कैसे बनाते हैं।
XML साइटमैप क्या है?
जैसा कि हमने बताया, साइटमैप में ब्लॉग या वेबसाइट के सभी URL होते हैं। XML साइटमैप केवल सर्च इंजन के लिए बनाया जाता है। इसे हम आसानी से नहीं समझ पाते, लेकिन सर्च इंजन इसे आसानी से समझ लेते हैं। सरल भाषा में, XML साइटमैप सर्च इंजन को हमारी वेबसाइट की जानकारी देता है और कंटेंट को इंडेक्स करने में मदद करता है।
HTML साइटमैप क्या है?
HTML साइटमैप का उपयोग वेबसाइट पर किया जाता है। आप इसे वेबसाइट के फुटर या ड्रॉपडाउन में जोड़ सकते हैं। यह केवल विजिटर्स के लिए होता है। इसे गूगल सर्च कंसोल में सबमिट नहीं किया जाता। उदाहरण के लिए, अगर आपकी वेबसाइट पर 500 पेज हैं और यूजर को कुछ ढूंढने में परेशानी हो रही है, तो वह साइटमैप के जरिए आसानी से ढूंढ सकता है।
ब्लॉग के लिए साइटमैप कैसे बनाएं?
यहां हम XML साइटमैप बनाने के स्टेप्स बता रहे हैं, जिसे आप गूगल सर्च कंसोल में सबमिट कर सकते हैं। आप HTML साइटमैप भी डाउनलोड करके अपने ब्लॉग पर लगा सकते हैं।
हम ऑनलाइन गूगल साइटमैप बनाएंगे। इसके लिए आपको xml-sitemap.com वेबसाइट पर जाना होगा। यह टूल आपको फ्री में साइटमैप बनाने की सुविधा देता है। इस टूल से आप 500 वेबपेज तक का साइटमैप बना सकते हैं। अगर आपको 500 से ज्यादा पेज का साइटमैप बनाना है, तो इसका प्रो वर्जन इस्तेमाल करना होगा।
Starting URL: इस बॉक्स में अपने ब्लॉग का URL दर्ज करें, जैसे www.hindiesk.in अगर आपके ब्लॉग पर https:// लगा है, तो https://www.solutionsoul.com इस तरह से URL दर्ज करें।
Change Frequency: इसमें “Always” चुनें।
Last Modification: इसमें “Use server’s response” चुनें।
Priority: इसमें “Automatically calculated priority” चुनें, क्योंकि जब आप नई पोस्ट करेंगे, तो उसका URL अपने आप साइटमैप में जुड़ जाएगा। आपको बार-बार साइटमैप बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सभी जानकारी भरने के बाद “Start Now” बटन पर क्लिक करें। क्लिक करते ही आपका साइटमैप बनना शुरू हो जाएगा। “Sitemap generation in progress...” का संदेश दिखाई देगा, यानी आपको थोड़ा इंतजार करना होगा।
अगर आपके ब्लॉग पर कोई ब्रोकन लिंक होगी, तो यह टूल उसे भी स्कैन करता है और आपको बताता है कि आपके ब्लॉग पर कितनी ब्रोकन लिंक हैं।
जब साइटमैप बन जाता है, तो “Your sitemap is ready” का मैसेज दिखाई देता है। साइटमैप जनरेट होने के बाद उसका URL भी दिखता है, जो कुछ इस तरह होता है:
http://www.hindidesk.com/sitemap.xml
आप इसे स्क्रीनशॉट में भी देख सकते हैं।
अब आप साइटमैप को गूगल सर्च कंसोल में जोड़ सकते हैं। इसके लिए आपको साइटमैप का URL कॉपी करना है और गूगल सर्च कंसोल में जोड़ना है। अगर आप साइटमैप को अपने ब्लॉग/वेबसाइट पर लगाना चाहते हैं, तो आप इसे फुटर में लिंक के रूप में दे सकते हैं या साइटमैप डाउनलोड करके भी ब्लॉग पर लगा सकते हैं।
नीचे आपको साइटमैप की अलग-अलग फाइल डाउनलोड करने के विकल्प मिलेंगे। आप ब्लॉग पर HTML साइटमैप भी उपयोग कर सकते हैं और उसे यहीं से डाउनलोड कर सकते हैं।
मुझे उम्मीद है कि आपको साइटमैप क्या है और साइटमैप कैसे बनाएं, यह समझ में आ गया होगा।




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